Thursday, 25 April 2013


दिमाग से नियंत्रित होने वाला टैबलेट



तकनीक की दुनिया में क्रांति लाएगा दिमाग से चलने वाला टैबलेट
मोबाइल कंपनी सैमसंग एक ऐसा टैबलेट तैयार कर रही है जो दिमाग से नियंत्रित होगा. अगर यह प्रयोग सफल हो गया तो टैबलेट की दुनिया में क्रांति आ जाएगी.
दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग के इस प्रयोग में अमरीकी शोधकर्ता भी काम कर रहे हैं. इन लोगों ने प्रयोग करके भी दिखाया है कि कैसे लोग सैमसंग गैलेक्सी टैबलेट में एक टिमटिमाते आइकन पर ध्यान केंद्रित करके उसे संचालित कर सकते हैं.ईईजी (इसके लिए लोगों को ऐसी टोपी पहननी होगी जिसमें ईईजी यानी इलेक्ट्रो इन्सीफैलोग्राम को मापने वाले इलेक्ट्रोड लगे होंगे.
पोर्न फ़िल्में नहीं बढाती रेप की घटनायें:सनी लीओन
सनी लियोनी
सनी लीओन 
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देश की राजधानी और सत्ता का गढ़ माने जाने वाले  शहर में पांच वर्षीय बच्ची के साथ हुए बलात्कार में यह पाया गया की इस बर्बर काम को अंजाम देने से पहले अभियुक्तों ने कथित तौर पर पोर्न फ़िल्में देखि  थी जब से ये ख़बर समाज में आग की तरह  फैली तो इस बात पर देश में ज़ोर शोर से बहस छिड़ गयी की क्या  पोर्न और एडल्ट फिल्में बढ़ते सेक्स अपराधों के लिए ज़िम्मेदार है.भारत में कई जगहों पर पोर्न फ़िल्मों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए और भारत में ऐसी साइट्स पर पाबन्दी की मांग उठने लगी तो आनन फानन में सरकार ने ये फ़ैसला लिया की देश के सभी एडल्ट साइट्स को बंद किया जायेगा ताकि इस तरह के मामलो को रोकने में मदद मिल सके पर बड़ा सवाल ये उठता है क्या सिर्फ़ पोर्न फ़िल्मे ही समाज़ में हो रहे दुस्कर्मो के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार है या ये सिर्फ़ हमारी संवेदनहीनता भरी सोच को दर्शाती हैं क्या भारत अकेला ऐसा देश है जहां पोर्न फ़िल्मों का चलन है लेकिन इस बात से भी बिलकुल इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस तरह की फ़िल्में व्यक्ति  को सेक्स के प्रति उत्तेजित करती हैं तो क्या यह मान  लिया जाये की पोर्न मूवीज ही दुष्कर्म जैसे अपराधो के लिए ज़िम्मेदार हैं अगर दिल्ली में 5 साल की बच्ची के साथ हुए दुस्कर्म के मामले को छोड़ दिया जाये तो अनेको मामलों में दुस्कर्म की वजह पोर्न फ़िल्में  नहीं रही है बल्कि व्यक्ति का वहशीपन  ज़िम्मेदार रहा है इस घटना के बाद बेशक पूरा देश पोर्न फिल्मों के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है  लेकिन खुद अमेरिका पोर्न फिल्मों का जाना माना चेहरा रह चुकी  भारतीय मूल की सनी लीओन इस बात को पूरी तरह से बकवास मानती हैं और वो कहती  है की पोर्नोग्राफी केवल एक मनोरंजन का साधन है ना  की बलात्कार के लिए प्रेरणास्रोत हैं  ऐसे मामलो को रोकने के लिए शुरू से ही बच्चो को सही शिक्षा दिए जाने की ज़रूरत हैंकी क्या सही और क्या गलत हैं  इसलिए पोर्न इंडस्ट्री को गलत ठहराना बिलकूल बेवकूफ़ी और परिपक्वहीनता को दर्शाता हैं 

Wednesday, 10 April 2013

 

मर जायेंगे पर पाकिस्तान वापस नहीं जायेंगे

नई दिल्ली। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों से तंग आकर बहुत सारे हिन्दू अपना घर और देश छोड़ भारत में शरणार्थियों का जीवन बिताने को मजबूर हैं। इनके टूरिस्ट वीजा एक्सपायर हो चुकें हैं, पर ये सब वापसी के नाम सुनते ही डर जातें हैं। भारत आये इन हिन्दू शरणार्थियों ने कहा कि मर जायेंगें लेकिन पाकिस्तान वापस नहीं जायेंगे।

पाकिस्तान में हिन्दओं के साथ किये जा रहे बर्बरता पूर्वक व्यवहार से तंग आकर वहां के हिन्दू अपना सब कुछ छोड़ने को मजबूर हैं। पाकिस्तान से आये शरणार्थियों का कहना है कि वहां हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान में हिन्दू महिलाओं और लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है, और तो और हिन्दू लड़कियों का धर्मं बदल कर उनकी शादी मुस्लिम लड़के से जबरन कराई जाती है। ये हिन्दू अपने धर्म और जीवन की रक्षा के लिए भारत में रहने को मजबूर हैं। पाकिस्तान में 1951 की जनगणना में 22 फीसदी हिन्दू आबादी थी, जो आज घटकर दो फीसदी से भी नीचे चली गई है। वहां के अधिकतर हिंदू परिवार सिंध क्षेत्र में रहते आए हैं। पाकिस्तान में लगातार घट रही हिन्दुओं की संख्या, और भारत में बढती पाकिस्तानी शरणार्थियों की आबादी वहां के अल्पसंख्यकों के हालत दर्शाने के लिए काफी है। 

पाकिस्तान से आये इन हिन्दू शरणार्थियों की वीजा डेडलाईन ख़त्म होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इनकी वीजा अवधि को एक महीने का विस्तार तो दिया है पर इससे इनकी समस्याओं का कोई हल निकलता नजर नही आ रहा। पाकिस्तान से आये हिन्दुओं  ने बताया कि उनके लिए पकिस्तान लौटना मौत की सजा की तरह है। उनका कहना है कि वह पाकिस्तान जाने के बजाय भारत में मर जाना पसंद करेंगी।