Thursday, 25 April 2013

पोर्न फ़िल्में नहीं बढाती रेप की घटनायें:सनी लीओन
सनी लियोनी
सनी लीओन 
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देश की राजधानी और सत्ता का गढ़ माने जाने वाले  शहर में पांच वर्षीय बच्ची के साथ हुए बलात्कार में यह पाया गया की इस बर्बर काम को अंजाम देने से पहले अभियुक्तों ने कथित तौर पर पोर्न फ़िल्में देखि  थी जब से ये ख़बर समाज में आग की तरह  फैली तो इस बात पर देश में ज़ोर शोर से बहस छिड़ गयी की क्या  पोर्न और एडल्ट फिल्में बढ़ते सेक्स अपराधों के लिए ज़िम्मेदार है.भारत में कई जगहों पर पोर्न फ़िल्मों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए और भारत में ऐसी साइट्स पर पाबन्दी की मांग उठने लगी तो आनन फानन में सरकार ने ये फ़ैसला लिया की देश के सभी एडल्ट साइट्स को बंद किया जायेगा ताकि इस तरह के मामलो को रोकने में मदद मिल सके पर बड़ा सवाल ये उठता है क्या सिर्फ़ पोर्न फ़िल्मे ही समाज़ में हो रहे दुस्कर्मो के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार है या ये सिर्फ़ हमारी संवेदनहीनता भरी सोच को दर्शाती हैं क्या भारत अकेला ऐसा देश है जहां पोर्न फ़िल्मों का चलन है लेकिन इस बात से भी बिलकुल इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस तरह की फ़िल्में व्यक्ति  को सेक्स के प्रति उत्तेजित करती हैं तो क्या यह मान  लिया जाये की पोर्न मूवीज ही दुष्कर्म जैसे अपराधो के लिए ज़िम्मेदार हैं अगर दिल्ली में 5 साल की बच्ची के साथ हुए दुस्कर्म के मामले को छोड़ दिया जाये तो अनेको मामलों में दुस्कर्म की वजह पोर्न फ़िल्में  नहीं रही है बल्कि व्यक्ति का वहशीपन  ज़िम्मेदार रहा है इस घटना के बाद बेशक पूरा देश पोर्न फिल्मों के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है  लेकिन खुद अमेरिका पोर्न फिल्मों का जाना माना चेहरा रह चुकी  भारतीय मूल की सनी लीओन इस बात को पूरी तरह से बकवास मानती हैं और वो कहती  है की पोर्नोग्राफी केवल एक मनोरंजन का साधन है ना  की बलात्कार के लिए प्रेरणास्रोत हैं  ऐसे मामलो को रोकने के लिए शुरू से ही बच्चो को सही शिक्षा दिए जाने की ज़रूरत हैंकी क्या सही और क्या गलत हैं  इसलिए पोर्न इंडस्ट्री को गलत ठहराना बिलकूल बेवकूफ़ी और परिपक्वहीनता को दर्शाता हैं 

Wednesday, 10 April 2013

 

मर जायेंगे पर पाकिस्तान वापस नहीं जायेंगे

नई दिल्ली। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों से तंग आकर बहुत सारे हिन्दू अपना घर और देश छोड़ भारत में शरणार्थियों का जीवन बिताने को मजबूर हैं। इनके टूरिस्ट वीजा एक्सपायर हो चुकें हैं, पर ये सब वापसी के नाम सुनते ही डर जातें हैं। भारत आये इन हिन्दू शरणार्थियों ने कहा कि मर जायेंगें लेकिन पाकिस्तान वापस नहीं जायेंगे।

पाकिस्तान में हिन्दओं के साथ किये जा रहे बर्बरता पूर्वक व्यवहार से तंग आकर वहां के हिन्दू अपना सब कुछ छोड़ने को मजबूर हैं। पाकिस्तान से आये शरणार्थियों का कहना है कि वहां हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान में हिन्दू महिलाओं और लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है, और तो और हिन्दू लड़कियों का धर्मं बदल कर उनकी शादी मुस्लिम लड़के से जबरन कराई जाती है। ये हिन्दू अपने धर्म और जीवन की रक्षा के लिए भारत में रहने को मजबूर हैं। पाकिस्तान में 1951 की जनगणना में 22 फीसदी हिन्दू आबादी थी, जो आज घटकर दो फीसदी से भी नीचे चली गई है। वहां के अधिकतर हिंदू परिवार सिंध क्षेत्र में रहते आए हैं। पाकिस्तान में लगातार घट रही हिन्दुओं की संख्या, और भारत में बढती पाकिस्तानी शरणार्थियों की आबादी वहां के अल्पसंख्यकों के हालत दर्शाने के लिए काफी है। 

पाकिस्तान से आये इन हिन्दू शरणार्थियों की वीजा डेडलाईन ख़त्म होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इनकी वीजा अवधि को एक महीने का विस्तार तो दिया है पर इससे इनकी समस्याओं का कोई हल निकलता नजर नही आ रहा। पाकिस्तान से आये हिन्दुओं  ने बताया कि उनके लिए पकिस्तान लौटना मौत की सजा की तरह है। उनका कहना है कि वह पाकिस्तान जाने के बजाय भारत में मर जाना पसंद करेंगी।


Monday, 18 June 2012

राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति का नहीं बल्कि मोनिटर का चुनाव हो रहा है 






भारत के 13 महामहीम ( राष्ट्रपति) के चयन के लिए जंग सुरु हो चुकी है सभी अपनी अपनी दावेदारी ठोकने पर लगे हुई है चाहे वो पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी ए संगमा हो या भाजपा के वरिष्ठ नेता राम जेठमलानी हो सभी अपने आप को  भारत के सवैधानिक सर्वोच्य पद को पाने के लिए कवायत सुरु कर चुके है पर इन सबके बिच  राजनीति में अलग पहचान बनानेवाले दादा (प्रणव मुखर्जी ) ने सबको पछाड़ते हुई रायसीना की रेस को जीत लिया दादा एक जमिनी स्तर के नेता है वो सब जानते है कब कैसे फैसले लेना है तभी तो उन्होंने  अपनी उमीद्वारी घोषित होने से कुछ घंटे पहले ही एलान कर दिया की की उम्मेदवार कांग्रेस पार्टी का ही होगा दादा की छबि केवल अपनी ही पार्टी में नही बल्कि बिपक्ष  भी उनके राजनीति छबि को लेकर उनकी तारीफ करता रहा है  ऐसे में सवाल खडा होता है की क्या संगमा  हो या राम जेठमलानी दादा के खिलाफ रायसीना की रेस में अपने आप को शामील कर दादा को पछाड़  पाएंगे  दादा के राष्ट्रपति बनने के बाद पार्टी को कई समस्यो से निपटाना पड़ेगा मसलन लोकसभा में सदन का नेता , वित्त मंत्री और सबसे बड़ी बात अब दादा के बाद पार्टी का संकटमोचक कौन बनेगा,  कौन ममता दीदी को बात बात पर मनायेगा और बिपक्षईओ को अपनी बात मनवाने में सफल  हो पायेगा  पर  इन सबमे बिच एक बात बड़ी अजीब लगी ऐ देश के महामहीम का चुनाव होने जा रहा है पर कोई भी पार्टी एक व्यक्ति पर आम राय नहीं बना पा रहा है  सब अपना अपना उमीदवार खडा करने की फ़िराक में है मनो ऐ राष्ट्रपति का चुनाव  नहीं बल्कि किसी क्लास के मोनितर का चयन हो रहा है जो सब अपने आप हम हम करने  में लगे है  

Friday, 4 May 2012

ये वो भारत वर्ष जो की आज़ादी के 64 साल बाद भी इस देश के आबादी का 46 प्रतिसत जनता को जरुरत से कम खाना मिलता है वही पे अनाज को खुले आसमान के सड़ने के किये छोड़ दिया जाता है चौका देने वाली बात तो ये है की इन अनाजो को उन जरुरत मंद जनता को न बाट कर सड़ने का इंतज़ार किया जाता है सड़ने के बाद इन्हें सराब बनाने वाली कम्पनियों को बेच दिया जाता है उन सराब कम्पनियों को जिनके लिए चिल्ला चिल्ला कर कहा जाता है की सराब पीना स्वाथ्य की लिए हानिकारक है इसका मतलब सरकार आम आदमी को अनाज खिलने के बजाय सराब पिलाने पर अमादा है 

अनाज खाना स्वास्थ्य के लिए हनिकराक है

Saturday, 3 December 2011

today evergreen  Dharamdev anand passess away (04 Dec.) he was 88 yrs it is bis loss for Indian Cinema

Monday, 21 November 2011

Indian Gazal king Jagjit singh passes way on 10 th of Oct.

Thursday, 3 November 2011

today again petrol price hike 1.81 rs to reach price of petrol is After today's increase, petrol in Delhi will cost Rs 68.64 a litre.